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विभाजित पिपासा

तिल-तिल मिटना जीवन का, विराम स्मृति-खंडहर में मन का।  व्यथित किया ताप ने  ह्रदय को सीमा तक, वेदना उभरी कराहकर रीती गगरी सब्र की अचान...