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लॉकडाउन में गुलाब

आज  एक उदास गुलाब को ग़ौर से देखा खिंची हुई थी  भाल पर उसके  चिंता की रेखा सौंदर्यविहीन सूखी-सिकुड़ी सुमन पाँखें अब झर जाने को ...