गुरुवार, 19 दिसंबर 2019

पूर्वाग्रह



जामिया मिलिया इस्लामिया

विश्वविद्यालय दिल्ली की

लायब्रेरी में दिल्ली पुलिस ने

अपने बर्बर दुस्साहस के साथ

अध्ययनरत शिक्षार्थियों पर

क्रूरतम लाठीचार्ज किया

एक ओर जब दर्द से कराह रहे हैं युवा

तब समाज का एक तबका

अपनी अपार ख़ुशी ज़ाहिर कर रहा है

क्योंकि धर्म विशेष के लोगों को

पूर्वाग्रहों की पृष्ठभूमि में

इरादतन

अपमानित किया जा रहा है

सरकारी मंशा और हरकतों से

संविधान में धार्मिक भेदभाव को

खुला प्रवेश देकर

संसद से पास होकर सीएबी

अब आ गया है सीएए बनकर

बहुसंख्यकवाद आ गया है

दुर्भावना बनकर

सुरक्षा बल संवेदनाविहीन हो रहे हैं

साम्प्रदायिकता घर कर गयी दिमाग़ों में

रह गये हैं वे तो बस

धूर्त राजनीति का हथियार बनकर।

© रवीन्द्र सिंह यादव

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