शनिवार, 2 जून 2018

कमाई का हक़ जब माँगता है किसान...

बाँझ हो जाती है 
ज़मीं
नक़ल बाज़ार की  
करता है 
जब किसान 
सरकार को 
आता है पसीना
पसीने की 
कमाई का भाव  
जब माँगता है किसान।  



#रवीन्द्र सिंह यादव 

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