गुरुवार, 3 मई 2018

नींद


बचपन में समय पर

आती थी  नींद,

कहानी दादा-दादी की 

लाती थी नींद। 

अब आँखों में

किसी की तस्वीर बस गयी है,

नींद भी क्या करती

कहीं और जाकर बस गयी है।

#रवीन्द्र सिंह यादव



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