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रविवार, 1 जनवरी 2017

नव वर्ष





Welcome  2017

Happy  New  Year


बीता  शताब्दी   का  सोलहवाँ   साल,

आ  गया   सदी   का  सत्रहवाँ   साल।



अब    छोड़ो   मन  के   मलाल,

आज    पूछो   सभी   का   हाल,

सब  हों  आबाद, रहें   खुशहाल,

हो मुबारक  सबको  नया  साल।



गत वर्ष   देश-दुनिया  में   तख़्त-ओ-ताज   बदले,

भारत   में   हज़ार    पाँच   सौ    के    नोट    बदले,

जो  मना रहे  होते  आज  परिवार  के साथ  जश्न,

वे   किसी और  दुनिया  में जाकर   बन गए   प्रश्न।  





बुज़ुर्ग   दे  गये    समय   नापने   का  तोहफ़ा,

समय    रुकता  नहीं   समझो   ये   फ़लसफ़ा* ।


जश्न   में   डूबी  रात    के   बाद,

उगता  है   प्राची*   में   सूरज     लेकर   नई   उमंगें,

उल्लास  से  भर  देती  हैं  गुनगुनी   धूप   की  तरंगें,

चलता  है  दिनभर  हाय   डियर  ....हैप्पी   न्यू   ईयर!

दीवार  पर  टाँग  दिया  जाता  है   एक   और  कलेण्डर !!

@रवीन्द्र  सिंह यादव



प्राची *  =  पूर्व  दिशा (East)
फ़लसफ़ा*  = दर्शन (Philosophy)

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