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ख़त

ख़त  मिला आपके  रुख़्सत  होने के बाद, कांधा गया सर  रखूँ  कहाँ  रोने  के  बाद। ख़्वाब पहलू से उठकर चल दिए, जागती रहेंगी तमन्नाएँ रात...